Análisis poético

कब चोबदार पर हों सर-अफ़राज़ देखिएkab chobdar par hon sar-afraaz dekhie

Poesía original

कब चोबदार पर हों सर-अफ़राज़ देखिए उस शोख़ की निगाह में आए हुए तो हैं

Traducción

देखें कब दरबान पर सिर ऊँचा होगा उस सुंदर की नजर में तो आ ही गए हैं