हम अगर यहाँ न होते आत तो

उदय प्रकाशHindi18 lines1 public analyses
Original Poetry
Translation
हम अगर यहाँ होते आत तो
अगर हम यहाँ नहीं होते तो
कहाँ होते, ताप्ती?
कहाँ होते, ताप्ती?
होते कहीं किसी नदी-पार के गाँव के
होते कहीं किसी नदी-पार के गाँव के
किसी पुराने कुएँ में
किसी पुराने कुएँ में
डूबे होते किसी बहुत पुराने पीतल के
डूबे होते किसी बहुत पुराने पीतल के
लोटे की तरह
लोटे की तरह
जिस पर कभी-कभी धूप भी आती
जिस पर कभी-कभी धूप भी आती
और हमारे ऊपर किसी का भी नाम लिखा होता
और हमारे ऊपर किसी का भी नाम लिखा होता।
या फिर होते हम कहीं भी
या फिर होते हम कहीं भी
किसी भी तरह से साथ-साथ रह लेते
किसी भी तरह से साथ-साथ रह लेते।
दो ढेलों की तरह हर बारिश में घुलते
दो ढेलों की तरह हर बारिश में घुलते
हर दोपहर गरमाते
हर दोपहर गरमाते।
हम रात में भी होते
हम रात में भी होते
तो हमारी साँसें फिर भी चलतीं, ताप्ती,
तो हमारी साँसें फिर भी चलतीं, ताप्ती,
और अँधरे में
और अँधरे में
हम उनका चलना देखते, ताज्जुब से
हम उनका चलना देखते, ताज्जुब से।
क्या हम कभी-कभी
क्या हम कभी-कभी
किसी और तरह से होने के लिए रोते, ताप्ती?
किसी और तरह से होने के लिए रोते, ताप्ती?
 

Explanation

यह कविता जीवन की संभावनाओं और विभिन्न परिस्थितियों में अस्तित्व के विचारों पर आधारित है। कवि ताप्ती नदी से संवाद करते हुए यह सोचता है कि अगर वह यहाँ नहीं होते तो कहाँ होते। वह कल्पना करता है कि शायद वह किसी नदी के पार के गाँव में किसी पुराने कुएँ में होते, जहाँ धूप कभी-कभी आती। वह यह भी सोचता है कि वह कहीं भी होते, किसी भी तरह से साथ रह लेते। कवि यह भी सोचता है कि वह दो पत्थरों की तरह हर बारिश में घुलते और हर दोपहर गरमाते। रात में भी उनकी साँसें चलती रहतीं और अंधेरे में वह उनकी आवाज़ सुनते। अंत में, वह यह सोचता है कि क्या वह कभी-कभी किसी और तरह से होने के लिए रोते। यह कविता जीवन के विभिन्न रूपों और स्थितियों में खुद को देखने की कल्पना करती है।

Word Dictionary6

WordIn HindiPlain (Hindi)Pron.
ताप्तीनदी का नामभारत की एक प्रमुख नदीtaapti
कुएँजल का स्रोतपानी निकालने की जगहkuein
पीतलधातुपीली धातुpeetal
लोटेपानी का बर्तनपानी रखने का पात्रlote
ढेलोंपत्थरछोटे पत्थर के टुकड़ेdhelon
ताज्जुबहैरानीअचरजtaajjub

Poet & Context

EraContemporary

उदय प्रकाश एक प्रसिद्ध हिंदी कवि और लेखक हैं। वे अपनी गहन और संवेदनशील कविताओं के लिए जाने जाते हैं। उनकी रचनाएँ आधुनिक जीवन के विभिन्न पहलुओं को छूती…

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WhenContemporary period
Whyयह कविता जीवन की संभावनाओं और विभिन्न परिस्थितियों में अस्तित्व के विचारों पर आधारित है। यह जीवन के विभिन्न रूपों और स्थितियों में खुद को देखने की कल्पना करती है।
Formकविता

Themes & More

ExistenceImaginationLife's Possibilities
Metaphor: नदी के पार के गाँव के कुएँ में डूबे होने की कल्पनाImagery: धूप, कुआँ, पीतल का लोटाPersonification: ताप्ती से संवाद
हम अगर यहाँ न होते आत तो by उदय प्रकाश — Poem, Translation & Meaning