वो एक दिन

Hindi27 lines1 public analyses
Original Poetry
Translation
वो एक दिन
वो एक दिन
जब आप मिले
जब आप मिले—
जब फिर से
जब फिर से
भगवान पर
भगवान पर
विश्वास होने लगा
भरोसा होने लगा।
वो आया
वो आया
जैसे हर जगह के गुलाब
जैसे हर जगह के गुलाब
मेरी ओर चले रहे हों
मेरी ओर आ रहे हों।
वो दिन
वो दिन
जब सारे जहाँ की तितलियाँ
जब सारी दुनिया की तितलियाँ
तुम्हारा नाम
तुम्हारा नाम
पुकार रही हों
पुकार रही हों।
वो पल
वो पल
जब हर रात का चाँद
जब हर रात का चाँद
कुछ ज़्यादा ही
कुछ ज़्यादा ही
नूर से चमकने लगे
चमकने लगे।
क्या ऐसा
क्या ऐसा
सच में होगा?
सच में होगा?
वो एक दिन
वो एक दिन—
जब मुझे
जब मुझे
आप मिलें,
आप मिलें,
और हर मन्नत,
और हर इच्छा,
हर दुआ
हर दुआ
जैसे मुकम्मल
जैसे पूरी
हो जाए
हो जाए।
बस
बस
वो एक दिन
वो एक दिन।
 

Explanation

यह कविता एक प्रेमपूर्ण और भावनात्मक अभिव्यक्ति है जिसमें कवि उस विशेष दिन की कल्पना करता है जब वह अपने प्रिय से मिलता है। यह दिन उसके लिए इतना महत्वपूर्ण है कि उसे भगवान पर फिर से विश्वास होने लगता है। कवि इसे एक दिव्य अनुभव के रूप में देखता है, जैसे हर जगह के गुलाब उसकी ओर बढ़ रहे हों और सारी दुनिया की तितलियाँ उसके प्रिय का नाम पुकार रही हों। यह एक ऐसा पल है जब चाँद भी अधिक चमकदार हो जाता है। कवि आश्चर्य करता है कि क्या ऐसा सच में होगा। यह कविता प्रेम की गहराई और उसकी पूर्णता की इच्छा को दर्शाती है।

Word Dictionary8

WordIn HindiPlain (Hindi)Pron.
विश्वासभरोसाकिसी पर यकीन करनाvishvaas
मन्नतइच्छाकोई विशेष इच्छा या प्रार्थनाmannat
मुकम्मलपूर्णपूरी तरह से पूरा होनाmukammal
नूररोशनीप्रकाश या चमकnoor
तितलियाँरंगीन कीटरंग-बिरंगे पंखों वाला कीटtitliyaan
गुलाबफूलएक प्रकार का फूल जो सुगंधित होता हैgulaab
भगवानईश्वरसर्वशक्तिमान शक्तिbhagwaan
दुआप्रार्थनाईश्वर से कुछ मांगनाdua

Poet & Context

Poet
EraContemporary

इस कविता के लेखक का नाम ज्ञात नहीं है। यह कविता आधुनिक समय की प्रतीत होती है, जिसमें प्रेम और विश्वास का वर्णन…


WhenUnknown
Whyयह कविता प्रेम और विश्वास के पुनः जागरण की भावना को व्यक्त करती है। इसमें प्रेमी के मिलने पर जीवन में आने वाले सकारात्मक बदलावों की कल्पना की गई है।
FormFree Verse

Themes & More

प्रेमविश्वासआशा
उपमा: गुलाब और तितलियों का उपयोगरूपक: भगवान पर विश्वास