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वो एक दिनvo ek din
वो एक दिन जब आप मिले—
जब फिर से भगवान पर विश्वास होने लगा।
वो आया जैसे हर जगह के गुलाब मेरी ओर चले आ रहे हों।
वो दिन जब सारे जहाँ की तितलियाँ तुम्हारा नाम पुकार रही हों।
वो पल जब हर रात का चाँद कुछ ज़्यादा ही नूर से चमकने लगे।
क्या ऐसा सच में होगा?
वो एक दिन— जब मुझे आप मिलें,
और हर मन्नत, हर दुआ जैसे मुकम्मल हो जाए।
बस वो एक दिन।
वो एक दिन जब आप मिले—
जब फिर से भगवान पर भरोसा होने लगा।
वो आया जैसे हर जगह के गुलाब मेरी ओर आ रहे हों।
वो दिन जब सारी दुनिया की तितलियाँ तुम्हारा नाम पुकार रही हों।
वो पल जब हर रात का चाँद कुछ ज़्यादा ही चमकने लगे।
क्या ऐसा सच में होगा?
वो एक दिन— जब मुझे आप मिलें,
और हर इच्छा, हर दुआ जैसे पूरी हो जाए।
बस वो एक दिन।